माँ के लिए शायरी पढ़ें | Mom par shayari

माँ शब्द की व्याख्या करना इतना आसान नहीं है और हमारी जितनी बुद्धि है उससे तो माँ को जानना पूर्णतयाः मुमकिन नहीं है क्यूंकि जो इस सृष्टि की रचना और उसका संचालन कर रही है, उस माँ रूपी परमेश्वर को जो जान लेता है वो हर बंधन से मुक्त हो जाता है। आज के इस लेख में आपको माँ पर शायरी पढ़ने को मिलेगी। आप इस लेख को पूरा पढ़ें और हो सके तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक जैसे सोशल मीडिया पर सर्च करें। maa par shayari photo

माँ के लिए शायरी पढ़ें  | Mom par shayari

Mom par shayari


माँ कर देती है पर गिनाती नहीं है
वो सह लेती है पर सुनाती नहीं है


---


ऊपर जिसका अंत नहीं उसे आसमां कहते है
जहाँ में जिसका अंत नहीं उसे माँ कहते है


---


मुझे मौत से इतना दर नहीं लगता जितना दर
मुझे माँ के बिना इस दुनिया में लगता है


---


मैंने कभी भगवान को नहीं देखा है
लेकिन मुझे इतना यकीन हे की
वो भी मेरी माँ की तरह होगा


---


जब-जब कागज पर लिखा मैंने माँ का नाम
कलम अदब से बोल उठी हो गये चारों धाम


Maa par shayari | mothers day par shayari



आँख खोलू तो चेहरा मेरी माँ का हो
आँख बंद हो तो सपना मेरी माँ का हो
मैं मर भी जाऊँ तो भी कोई गम नहीं
लेकिन कफन मिले तो दुपट्टा मेरी माँ का हो


---


एक मैडल माँ को भी मिलना चाहिए
उनकी लाइफ में कभी हॉलिडे नहीं होता


---


माँ के पैरों में ही तो वो जन्नत होती है
मांगने पर जहाँ पूरी हर मन्नत होती है
माँ के पैरों में ही तो वो जन्नत होती है


---


न तेरे हिस्से आयी न मेरे हिस्से आयी
माँ जिसके जीवन में आयी उसने जन्नत पायी


---


कल अपने-आप को देखा था माँ की आँखों में
ये आईना हमें बूढ़ा नहीं बताता है


Mummy papa par shayari | mummy par shayari



इससे बड़ा प्यार कोई हो तो बताना
मैने माँ को मेरे खातिर पापा की जेब
से पैसे चुराते देखा है


---


एक मुद्दत से मेरी माँ नहीं सोई 'ताबिश'
मैंने इक बार कहा था मुझे डर लगता है


---


सख्त राहों में भी आसान सफ़र लगता है
ये मेरी माँ की दुआओं का असर लगता है


---


मां की दुआएं साथ चलती हैं
मुझे मालूम है मां की दुआएं साथ चलती हैं
सफ़र की मुश्किलों को हाथ मलते मैंने देखा है


---


जिस माँ – बाप की बाते आज तुम्हे चुभती है
देखना एक दिन उससे माँ बाप की ख़ामोशी
तुम्हे बहुत रुलायेगी


Mom dad par shayari | maa par status



जो एक माँ अपने अपने संतान को 
जीवनपर्यन्त सिर्फ देना जानती है
माँ भूखी सो सकती है 
लेकिन कभी भी अपने पुत्र को 
भूखे पेट सोना का सपने भी नही देखना चाहती है


---


रब से करू दुआ बार-बार
हर जन्म मिले मुझे माँ का प्यार
खुदा कबूल करे मेरी मन्नत
फिर से देना मुझे माँ के आंचल की जन्नत


---


है एक कर्ज़ जो हर दम सवार रहता है
वो माँ का प्यार है . सब पर उधार रहता है


---


कौन सी है वो चीज़ जो यहाँ नहीं मिलती
सब कुछ मिल जाता है पर माँ नहीं मिलती


---


माँ तेरी याद सताती है 
मेरे पास आ जाओ थक गया हूँ 
मुझे अपने आँचल में सुलाओ 
उँगलियाँ फेर कर बालों में मेरे 
एक बार फिर से बचपन की लोरियाँ सुनाओ


Maa par shayari in hindi download | mom par shayari



बद्दुआ संतान को इक माँ कभी देती नहीं
धूप से छाले मिले जो छाँव बैठी है सहेज


---


माँ ना होती तो वफ़ा कौन करेगा 
ममता का हक़ भी कौन अदा करेगा 
रब हर एक माँ को सलामत रखना 
वरना हमारे लिए दुआ कौन करेगा


---



माँ की एक दुआ ज़िन्दगी बना देगी
खुद रोयेगी मगर तुमको हंसा देसी
कभी भूल कर भी माँ को ना रुलाना
एक छोटी सी गलती पूरा अर्श हिला देगी



---


वो उजला हो के मैला हो 
या मँहगा हो के सस्ता हो 
ये माँ का सर है इस पे हर दुपट्टा मुस्कुराता है 
सुबह उठते ही जब मैँ चूमता हूँ माँ की आँखोँ को 
ख़ुदा के साथ उसका हर फरिश्ता मुस्कुराता है


---


तन्हाई क्या होती उस माँ से पूछो
जिसका बेटा घर लोट कर नही आया


Maa par best shayari in hindi



जो खुद रुलाएं फिर मनाएं वो है पापा
और जो रुलाके खुद रोने लग जाए वो माँ


---



किसी भी ​मुश्किल का अब किसी को हल नहीं मिलता ​
शायद अब घर से कोई माँ के पैर छूकर नहीं निकलता


---


वो उतरने नहीं देती कोई भी परेशानी असमान से
मेरी माँ की दुआओं ने उसे रोक के रखा है


---



माँ पहले आँसू आते थे तो तुम याद आती थी
आज तुम याद आती हो और आँसू निकल आते है


---


आज रोटी के पीछे भागता हु
तब याद आता हे मुझे की
रोटी खिलाने के लिए माँ
मेरे पीछे भागती थी


Maa par shayari download



उसे है ईश्वर ने बनाया कुछ इस तरह कि
अपने दिल में किसी को भी दे दे वह जगह
बस थोड़ा सम्मान और आदर है मांगती
मेरी मां है सब कुछ जानती


---


घर की माँ को खुश रखो
मंदिर वाली माँ अपने आप
खुश हो जाएगी


---


बिना हुनर के भी वो चार ओलाद पाल लेती है
कैसे कह दूं कि माँ अनपढ़ है मेरी


---


दवा जब असर ना करे तो नजरे उतरती है
माँ है जनाब ,ये हार कहाँ मानती है


---


माँ की अजमत से अच्छा जाम क्या होगा
माँ की खिदमत से अच्छा काम क्या होगा
खुदा ने रख दी हो जिस के कदमो में जन्नत
सोचो उसके सर का मुकाम क्या होगा


Maa par best shayari in hindi



उसके रहते जीवन में
कोई गम नहीं होता 
दुनिया साथ दे ना दे
पर माँ का साथ
कभी कमनहीं होता


---


ऐ अँधेरे देख मुँह तेरा काला हो गया
माँ ने आँखें खोल दी घर में उजाला हो गया


---


ज़िन्दगी की हर ख़ुशी मिल जाती है जो
चाहो वो मंज़िल मिल जाती है यु तो मिल
जाता है ज़िन्दगी में सब कुछ पर माँ से
बड़ी प्रेमिका नहीं मिल पति इस दुनिया में


---


उसकी डांट में भी प्यार नजर आता है
माँ की याद में दुआ नजर आती है


---


यूं ही नहीं गूंजती किलकारियां‬ घर आँगन‬ के कोने में
जान ‎हथेली‬ पर रखनी‪ पड़ती है "माँ" को "‪माँ‬" होने में


Maa par shayari | maa ke liye shayari



वो लिखा के लाई है किस्मत में जागना
माँ कैसे सो सकेगी कि बेटा सफ़र में है


---


कल माँ की गोद में, आज मौत की आग़ोश में
हम को दुनिया में ये दो वक़्त बड़े सुहाने से मिले


---


खाली पड़ा था मकान मेरा
जब माँ घर आयी तो घर बना


---


नहीं हो सकता कद तेरा ऊँचा किसी भी माँ से ए खुदा
तू जिसे आदमी बनाता है, वो उसे इन्सान बनाती है


---



यूँ तो मैंने बुलन्दियों के हर निशान को छुआ
जब माँ ने गोद में उठाया तो आसमान को छुआ


Maa par shayari in urdu



माँ की तरह कोई और ख्याल रख पाए
ये बस ख्याल ही हो सकता है


---


बर्तन माज कर माँ चार बेटो को पाल लेती है
लेकिन चार बेटो से माँ को दो वक्त की रोटी नही दी जाती


---


रूह के रिश्तों की ये गहराइयाँ तो देखिये
चोट लगती है हमें और चिल्लाती है माँ
हम खुशियों में माँ को भले ही भूल जायें
जब मुसीबत आ जाए तो याद आती है माँ


---


सीधा साधा भोला भाला मैं ही सब से सच्चा हूँ
कितना भी हो जाऊं बड़ा माँ आज भी तेरा बच्चा हूँ


---


उमर भर तेरी मोहब्बत मेरी खिदमतगार रही माँ
मैं तेरी खिदमत के काबिल जब हुआ तू चली गयी माँ


Mummy papa par shayari



बिन कहे आँखों में सब पढ़ लेती है
बिन कहे जो गलती माफ़ कर दे वो माँ है


---


तेरे क़दमों में ये सारा जहां होगा एक दिन
माँ के होठों पे तबस्सुम को सजाने वाले


---


चलती फिरती आँखों से अज़ाँ देखी है
मैंने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है


---


प्रेम से जो देती है वो बहन है
लड़ झगड़ के जो देता है
वो भाई है पूछ कर जो देता है वो पिता है
बिना मांगे जो सब कुछ दे दे वो माँ है


---


गिन लेती है दिन बगैर मेरे गुजारें है कितने
भला कैसे कह दूं कि माँ अनपढ़ है मेरी
दोस्तों आज आपको माँ पर शायरी पढ़कर अच्छा लगा होगा और जिन लोगों ने ये शायरी लिखी हैं ये उनके अनुभव है। यदि आप भी माँ के ऊपर कोई शायरी जानते है कृपया हमारे साथ उसे कमेंट में शेयर जरूर करें। 

Previous Post Next Post