Dhokebaaz shayari hindi dhokha shayari

Dhokebaaz shayari

बहुत रंगीन ये ज़माना हर शख्स ने रंग दिखाया है
दग़ाबाज़ी करना हमे दोस्तों ने सिखाया है
Dhokebaaz shayari hindi
वो तो मेरी किस्मत ही धोखेबाज थी
वरना वो फरिश्ता तो मेरा ही था

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जब दोस्त ही शामिल हो दुश्मनों की चाल में
तब शेर भी फस जाता है मकड़ी की जाल में

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वो शक्स धोखेबाज निकला
जिससे मैंने बे-वजह
बे-इंतेहा मोहब्बत की

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पहले ज़िंदगी छीन ली मुझसे
अब वो मेरी मौत का भी फ़ायदा उठाती है
मेरी क़बर पे फूल चढाने के बहाने
वो किसी और से मिलने आती है

Dhokhebaj shayari | dhokebaaz shayari in urdu

झूठी हमदर्दी झूठा प्यार यही सच्चाई है
एक धोखेबाज इश्क करने वालों की

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धोखा तूने ऐसा दिया
मेरी जिंदगी का हर मकसद मुझसे छीन लिया

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बड़ी धोखेबाज है री तेरी नजरे
अब तो वो मुझे पहचानने से भी इंकार करती है

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धोखा भी बादाम की तरह है
जितना खाओगे उतनी अक्ल आती है

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कोई “शक्ल” नहीं होती धोखेबाजो की
हमेशा चेहरे पर नकाब लेकर घूमते हैं यह लोग

Dhokebaaz quotes | dhokebaaz shayari dosti

सब कुछ मिला बस खुदा के सिवा
ज़िन्दगी बहुत पसंद आयी रुस्वाई के सिवा
मेरी चाहत का एहसास भी ना होगा
उसकी हर अदा पसंद आयी बेवफाई के सिवा

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तनहाई मुझे अच्छी लगती है
महफिल में तो सब धोखेबाज है

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साथ रहना था ही नहीं तो
तुमने हमसे नाता क्यों जोड़ा
हमे धोका देकर तुमने
हमे कही का नहीं छोड़ा

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मुझे तेरा इश्क़ बेइमान सा लगता है
कभी इधर कभी उधर भटकता तेरा
दिल मुझे धोखेबाज सा लगता है

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साथ जीने मरने का वादा था
मर के भी साथ न छोड़ने का वादा था
सारी बातों से तू मुखर क्यूँ गयी
ए सनम तू मुझे धोका दे कर चली गयी

Dhokebaaz shayari hindi

तुम धोखा करो तब भी धोखेबाज नही
हम वफा करें तो भी गुनहगार है
ये खता तेरी नहीं जान मेरी
ये तो वक़्त-वक्त की मार है

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धोखा देती है अक्सर मासूम चेहरे की चमक
हर काँच के टुकड़े को हीरा नहीं कहते

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धोखेबाज तो हज़ारों मिलेंगे ज़िन्दगी में
इसका मतलब ये तो नही
की हम भरोसा करना छोड़ दे

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कितने मकसदो के साथ जी रहे थे हम
उस बेवफा ने धोखा क्या दिया
मेरी जिंदगी का हर मकसद हमसे छीन लिया

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ये शराब को जब चाढ़ता हूं हर रोज
ताकी इसका नशा चढ़े
और तेरे धोखेबाज इश्क़ का नशा उतरे

Dhokebaaz shayari in hindi for girlfriend

प्यार के बदले मुझे धोखा मिला
फिर भी नहीं तुमसे कोई गिला
बस दुआ है जिससे तुम प्यार करो
वो तुम्हे कभी ना दे रुला

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उसकी यादें सदाबहार है
मगर अब वो मेरी पहुंच से बाहर है
पाकर भी करूंगा क्या
वो तो हमेशा से एक धोखेबाज है

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दिल टुटा है आज भी
पर दर्द नहीं हुआ
क्या करे अब तो धोखा खाना
एक आदत सी बन गयी है

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दिलों जान से चाहा था उसे
लेकिन उसने मेरी मजबूरी को
धोखेबाजी का नाम दे दिया

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जितना गहरा भरोसा था उन पर
उससे भी गहरा धोखा देकर चले गए वो

Dhokebaaz shayari in hindi for boyfriend

जमाने को अच्छा समझा
लेकिन वो चालबाज निकला
अपने को अपना समझा
लेकिन वो धोखेबाज निकला

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मेरी तन्हाई को मेरा शौक ना समझना
बड़े प्यार से दिया है धोखा किसी ने

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बो आयने में खुद को कैसे बर्दाश्त करते होंगे
उन्हें तो सख्त नफ़रत थी धोखेबाजों से

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बहुत धोखा मिलता है उन लोगों को
जो दिल के साफ़ होते है

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धोखेबाजों का चलन है साहब
वफ़ा करने वालो की कहाँ कदर है

Dhokhebaj status | dhokebaaz shayari status

धोखा खानेवाले भी क्या एहसान फरमाते हैं
दुनिया से एक धोखेबाज की पहचान करवाते हैं

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हर खेल में हम बाजी मार जाते हैं
पर धोखेबाज से हम बाजी हार जाते हैं

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पहले इश्क़ फिर धोखा फिर बेवफाई
बड़ी तरकीब से एक इश्क़ ने तबाह कर दिया

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जिन्दगी की हर मोड़ पर धोखेबाज मिलें
उनमें पराये कम, अपने ज्यादा मिलें

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उन्होंने हमें आजमाकर देख लिया
इक धोखा हमने भी खा कर देख लिया
क्या हुआ हम हुए जो उदास
उन्होंने तो अपना दिल बहला के देख लिया

Dhokebaaz shayari urdu

किसी भी व्यक्ति के बोलने मात्र से
उस व्यक्ति के बारे मे अनुमान ना लगाये
क्योंकि अच्छी बाते तो बुरा व्यक्ति भी कर लेता है
साफ-साफ बोलने बाला कड़वा जरुर होता है, पर धोखेबाज नही

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हम क्या शिकायत करें किसी से
यहां तो हर कोई बेवफा है
इश्क करो भले जी जान से
धोखा यहां सबको मिलता है

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दिल मेरा काँच सा था वो पत्थर की मूरत जैसा निकला
सोचा था अनुज सम्भाल लूंगा सब कुछ प्यार से
पर वो पत्थर पत्थरदिल से भी ज्यादा गद्दार निकला
अब कैसे कह दूँ वो धोखेबाज़ है दोस्तो

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आंखें बंद थी किसी कि याद में
और मौत धोखा खा गयी

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शायरी नही आती मुझे बस हाले दिल सुना रहा हूँ
बेवफाई का इल्जाम हैं मुझपर फिर भी गुनगुना रहा हूँ
मुझे धोखा देने वाले ने मुझे ही धोखेबाज बना दिया
खफा नही है उससे फिर भी मैं उसका दामन बचा रहा हू

Dhokebaaz shayari 2 line

धोखा देकर ऐसे चले गए
जैसे कभी जानते ही नहीं थे
अब ऐसे नफरत जताते हो
जैसे प्यार को मानते ही नहीं थे

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जमाना वफादार नही तो क्या
हुआ, धोखेबाज भी तो हमेशा
अपने ही होते है

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उस इंसान को धोखा मत देना
जो आपके लिए अपनी आदतें बदले
अपना सारा वक्त आपको ही दे
और आपके लिए बहुत सीरियस हो

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जो एक धोखेबाजदोस्त से
धोखे पर धोखा खाने के बावजूद भी
उस धोखेबाजदोस्त पर भरोसा करता रहे
तो उससे बड़ा कोई बेवकूफ़ नहीं हो सकता

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हम दोनों ही धोखा खा गए
हमने तुम्हें औरों से अलग समझा
और तुमने हमें औरों जैसा ही समझा

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सारा जमाना वफादार हो जाएं ना
फिर भी धोखेबाज तो अपने ही होंगे

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जो धोखा करना सीख जाते है जनाब
हर सख़्श उन्हें धोखेबाज़ लगते है
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