Raat shayari in hindi goodnight shayari

नमस्कार दोस्तों आज  हमारे इस आर्टिकल में आपको रात के ऊपर शायरी पढ़ने को मिलेगी दोस्तों आप तो जानते है,भगवान् ने रात सोने लिए बनाई है लेकिन प्यार करने वालों की किस्मत में रातों में जागना लिखा है। दिन भर की भागदौड़ के बाद रात में जब इंसान आराम करने को होता है तब उस वक़्त दिनभर और पूरे ज़िन्दगी की कहानी उसके आँखों के सामने से गुजरने लगती है और प्यार करने वालों के लिए ये वक़्त बहुत ही कठिन और नींदें उड़ा देने वाला होता है। दोस्तों ऐसी ही रातों के ऊपर शायरी,स्टेटस,कोट्स आप पढ़िए और एक शायराना माहौल का आनंद लीजिये।

Raat shayari in hindi goodnight shayari


Raat shayari

मै रोती रही रात भर मगर फैसला ना कर सकी 
तू याद आ रहा है, या मै याद कर रही हूँ
Main rota raha raat bhar magar faisla na kar saka
tu yaad aa rahi hai ya main yaad kar raha hoon


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रातों के बाज़ार में
दुकान लगा रखी है यादों ने
पर नींद का सारा कारोबार चौपट है
Raaton ke bazar me
dukan laga rakhi hai yaadon ne
par neend ka sara karobar chopat hai


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Jiske hisse mein raat aayi hai
Yakeenan uske hisse mein chand bhi hoga
जिसके हिस्से में रात आयी है 
यकीनन उसके हिस्से में चाँद भी होगा 


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कितनी जल्दी से मुलाक़ात गुजर जाती है
प्यास बुझती नहीं बरसात गुजर जाती है
अपनी यादों से कहो की यूँ ना सताया करे
नींद आती नहीं और रात गुजर जाती है
Kitni jaldi se milakat gujar jaati hai
pyas bhujhti nahi barsat gujar jaati hai
apni yaadon se kaho ki yun na sataya kare
neend aati nahi aur raat gujar jaati hai


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अभी तो धुप निकलने के बाद सोया है
सारी रात तुजे याद कर कर के रोया है
Abhi to dhoop nikalne ke baad soya hai
saari raat tuhe yaad kar kar ke roya hai


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Mehfil na hoti kisse na hote
Jo raat na hoti sitare na hote
महफ़िल न होती किस्से  होते 
जो रात न होती सितारे न होते 


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Raat ki shayari



तेरे बिना गुज़र रही है मेरी राते
तन्हाई का गम सह रही है मेरी रातें
बहुत लम्बी घडिया है इंतज़ार की
करवट बदल-बदल कर कट
रही है मेरी रातें
Tere bina gujar rahi hai meri raate
Tanhai ka gum sah rahi hai meri raate



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ये रात चांदनी बनकर आपके आँगन आए
ये तारे सारे लोरी गा कर आपको सुलाए
हो आपके इतने प्यारे सपने यार
की नींद में भी आप मुस्कुराएं
Ye raat chandani bankar aapke aangan aaye
ye taare saare lori ga kar aapko sulaye
ho aapke itne pyare sapne yaar
ki neend me bhi bhi aap muskuraye


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Tune dekha hai kabhi ek nazar sham ke baad
Kitne chupchap se lagte hain shajar sham ke baad
Tu hai suraj tujhe maloom kahan raat ka dard
Tu kisi roz mere ghar utar sham ke baad
तूने देखा है कभी एक नजर शाम के बाद 
कितने चुपचाप से लगते है शजर शाम के बाद 
तुम हो सूरज तुम्हे मालूम कहाँ रात का दर्द 
तू किसी रोज़ मेरे घर उतर शाम के बाद   


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जब रात को आपकी याद आती है
सितारों में आपकी तस्वीर नज़र आती है
खोजती है निगाहें उस चेहरे को
याद में जिसकी सुबह हो जाती है
Jab raat ko aapki yaad aati hai
sitaron me aapki tasveer najar aati hai
khojti hai nigahe us chehre ko
yaad me jiski subah ho jaati hai


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तेरे बिना गुज़र रही है मेरी राते
तन्हाई का गम सह रही है मेरी रातें
बहुत लम्बी घडिया है इंतज़ार की
करवट बदल-बदल कर कट
रही है मेरी रातें


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रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नही
कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं
ऐसे डूबा तेरी आँखों के गहराई में आज
हाथ में जाम हैं, मगर पीने का होश नहीं


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2 line shayari on raat


जुगनू सहेज सकते हैं बनना नहीं आता
किसी की रातों को रौशन करना नहीं आता


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har ek raat ko mahtab dekhne ke liye
main jagta huua tira ḳhvab dekhne ke liye


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वो कह के चले इतनी मुलाक़ात बहुत है
मैंने कहा रुक जाओ अभी रात बहुत है


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हम आपको कभी खोने नहीं देंगे
जुदा होना चाहो तो भी होने नहीं देंगे
चांदनी रातों में जब आएगी मेरी याद
मेरी याद के वो पल आपको सोने नहीं देंगे


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वक़्त के तकाज़े बदल गए वरना
हमें भी याद करता था कोई
दिन चढ़े शाम ढले रात गये


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रात को आराम से हूँ मैं न दिन को चैन से
हाए ऐ वहशते दिल, हाए हाए दर्द-ए-दिल


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मुझे भी सीखा दो ये भूल जाने का हुनर
नहीं रोया जाता रातो को उठ उठ कर


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सारा दिन लगता है खुद को समेटने में
फिर रात को उनकी यादों की हवा चलती है
और हम फिर बिखर जाते हैं


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Raat shayari in hindi


हो चुकी रात अब सो भी जाइए
जो है दिल के करीब उनके ख्यालों में खो जाइए
कर रहा होगा कोई इंतज़ार आपका
ख़्वाबों में ही सही उनसे मिल तो आइए


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रात भर भटका है मन मोहब्बत के पते पे
चाँद कब सूरज में बदल गया पता नहीं चला


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एक रात रब ने मेरे दिल से पूछा
तू दोस्ती में इतना क्यूँ खोया है
दिल बोला दोस्तों ने ही दी हैं सारी खुशियाँ
वरना प्यार करके तो दिल हमेशा रोया है


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रोने वाले भी हम
चुप कराने वाले भी हम
यादों को याद करने वाले भी हम
फिर उन यादों को भूलने की
कोशिश करने वाले भी हम


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रात के इस सन्नाटे में हमने क्या-क्या धोके खाए है
अपना ही जब दिल धड़का तो हम समझे वो आए है


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रोता रहा फूल सारी रात
लोग ओँस कहकर गुजरते रहे


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बेचैन इस क़दर था, सोया न रात भर
पलकों से लिख रहा था, तेरा नाम चाँद पर


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रात भर तारीफ करता रहा तेरी चाँद से
चाँद इतना जला की सुबह तक सूरज हो गया


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तरसेगा जब दिल तुम्हारा मेरी मुलाकात को
ख्वाबों मे होंगे तुम्हारे हम उसी रात को


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रात का ख्याल डराता है
मुझे तुम्हारी याद दिलाता है
डर है कि कैसे कटेगी ये रात
जब नहीं हो रही तुमसे बात


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अरमान कोई सीने में आग लगा देता है
ख्वाब कोई आकर रातों की नींद उड़ा देता है
पूंछता हूँ जिससे भी मंज़िल का पता अब तो
वो रास्ता तेरे घर का ही बता देता है


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याद तेरी बड़ी सताती है
रातों को नींद नही आती है
पर जब तेरी सूरत देख लेता हूँ
फिर बड़ी गहरी नींद आती है


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रात की धड़कन जब तक जारी रहती है
सोते नहीं हम जिम्मेदारी रहती है


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दिल की किताब में गुलाब उनका था
रात की नींद में ख्वाब उनका था
कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा
मर जायंगे तुम्हारे बिना ये जबाब उनका था


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रात तो क्या पूरी जिन्दगी भी
जाग कर गुजार दूँ तेरी खातिर
बस तू एक बार कह कर तो देख कि
मुझे तेरे बिना नींद नही आती


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kaun royakaun soya
raat rakh leti hai hisaab sabka


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वो रातें मेरी सज जाया करती थी
जब पूरी रात वो अपनी
बाते फ़रमाया करती थी


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Shayari on chandni raat


रातों को तेरा तस्सवुर सताता है अब हमें
एक पल भी नहीं चैन आता है अब हमें
सब पूछते हैं हमसे क्यों तकते हो आसमां को
क्या बताओं चाँद में नज़र आता है तू हमें


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कभी पहलू में आओ तो बताएँगे तुम्हे
हाल-ए-दिल अपना तमाम सुनाएँगे तुम्हे
काटी हैं अकेले कैसे हमने तन्हाई की रातें
हर उस रात की तड़प दिखाएँगे तुम्हें


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गिरी मिली एक बोतल शराब की, तो ऐसा लगा मुझे
जैसे बिखरा पड़ा हो सुकून, किसी के एक रात का


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तनहाई मैं मुसकुराना इश्क़ है
इस बात को छुपाना इश्क़ है
रात मैं आहें भरना इश्क़ है
तड़प के दिल को थाम लेना इश्क़ है


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ना जाने क्यूँ खुद को अकेला सा पाया है
हर एक रिश्ते में खुद को गँवाया है
शायद कोई तो कमी है मेरे वजूद में
तभी हर किसी ने हमें यूँ ही ठुकराया है

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रातों में रहती मदहोशी है
आँखों में छाई बेहोशी है
नींद से है वास्ता टूट गया
जब से तेरा रास्ता छूट गया


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पहले पथरों पर भी नींद आ जाती थी हमें
रेशमी बिस्तर भी सताता हैअब हमें
करवट बदल गुजरती है हर रात अब मेरी
याद तेरी हर रात जगाती है अब हमें


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जानता हूँ तुम सो गई हो, मुझे पढ़ते हुए
मगर मैं रातभर जागूँगा, तुम्हे लिखते हुए

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